मुश्किल घड़ी में अपने कर्मचारियों और उनके परिवार संग खड़ा है कॉरपोरेट सेक्टर

29-06-2021 14:47:29
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मुश्किल घड़ी में अपने कर्मचारियों और उनके परिवार संग खड़ा है कॉरपोरेट सेक्टर

चीनजन्य कोरोना विषाणु संक्रमण महामारी से उत्पन्न मुश्किल घड़ी में देश का कॉरपोरेट सेक्टर अपने कर्मचारियों और उनके परिवार संग खड़ा हुआ है। महामारी काल में रिलायंस, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, टाटा स्टील, इंफोसिस, बोरोसिल, लार्सन एंड टुब्रो आदि कंपनियां अपने कार्मिकों को राहत देने वाले कई ऐलान कर चुकी हैं। बीते दिनों रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी व रिलायंस फाउंडेशन की चेयरमैन नीता अंबानी ने अपने समूह के कर्मचारियों को भेजे एक पत्र में कहा है कि इस मुश्किल घड़ी में आप अकेले नहीं हैं। आपके और आपके परिवार के साथ पूरा रिलायंस संस्थान खड़ा हुआ है।

महामारी काल में अपने कर्मचारियों को राहत देने का फैसला करने वाली रिलायंस कोई पहली कंपनी नहीं है। इससे पहले देश के कई प्रमुख कॉरपोरेट समूह अपने कार्मिकों को विभिन्न प्रकार की राहत देने वाले ऐसे ऐलान कर चुकी हैं। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, टाटा स्टील, इंफोसिस, बोरोसिल, लार्सन एंड टुब्रो आदि कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए ऐसे ही ऐलान कर चुकी हैं।

ग्लासवेयर कंपनी बोरोसिल ने की थी कर्मचारियों को राहत देने की शुरुआत

महामारी काल में अपने कर्मचारियों को राहत देने की शुरुआत कांच उत्पाद (ग्लासवेयर) निर्माता कंपनी बोरोसिल ने की थी, जिसने घोषणा की थी कि कोविड-19 से जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवार को कंपनी 2 साल का वेतन देगी और उनके बच्चों की स्नातक स्तर तक की पढ़ाई का खर्च उठाएगी।

टाटा स्टील ने लागू की सामाजिक सुरक्षा योजना

टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना (सोशल सिक्योरिटी स्कीम) लागू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत यदि किसी कर्मचारी की मौत कोरोना से हो जाती है तो कंपनी उसके परिवार को मृत कर्मचारी/नॉमिनी की 60 वर्ष की आयु पूरी होने तक की अवधि तक वेतन देगी। वेतन की राशि, मृत कर्मचारी के आखिरी वेतन के बराबर होगा। इसके अलावा उसके परिवार को सभी स्वास्थ्य सेवाएंऔर आवासीय सुविधाएं भी जारी रहेंगी। टाटा स्टील ने यह भी कहा है कि कोविड-19 से मृत कर्मचारी के बच्चों की स्नातक शिक्षा पूरी होने तक भारत में पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्चा कंपनी वहन करेगी।

महिन्द्रा एंड महिन्द्रा ने शुरू किया परिवार सहायता कार्यक्रम

महिन्द्रा एंड महिन्द्रा (एमएंडएम) ने भी ऐसी ही घोषणा की थी। कंपनी ने कहा था कि अगर उसके किसी कर्मचारी की कोविड-19 से मृत्यु होती है तो वह परिवार सहायता कार्यक्रम के तहत आश्रितों को पांच साल तक वेतन और वार्षिक आय की दोगुनी राशि एकमुश्त देगी। इसके अलावा मृत कर्मचारी के बच्चों की पढ़ाई के लिए कक्षा 12 तक प्रति वर्ष प्रति बच्चा दो लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी।

रिलायंस उपलब्ध कराएगी वित्तीय सहायता, उठाएगी बच्चों की पढ़ाई का खर्च

कोविड-19 संकट काल में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने कर्मचारियों के लिए बड़ी पहल की है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह कोरोना संक्रमण की वजह से जान गंवाने वाले अपने कर्मचारियों के परिवार को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत मृत कर्मचारी के परिवार को अगले 5 साल तक वेतन दिया जाएगा। वेतन की राशि कर्मचारी की आखिरी आहरित रकम के बराबर होगी। इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कोरोनावायरस से जान गवांने वाले कर्मचारी के बच्चों को ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई के लिए सहयोग करने की घोषणा भी की है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड कोरोना से जान गंवाने वाले अपने कर्मचारियों के बच्चों के लिए भारत में किसी भी संस्थान में ग्रेजुएशन की डिग्री तक शिक्षण शुल्क, हॉस्टल और पुस्तक शुल्क का 100 प्रतिशत भुगतान प्रदान करेगी। इसके साथ ही बच्चों के ग्रेजुएट होने तक मृत कर्मचारी के पति या पत्नी, माता-पिता और बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने पर इंश्योरेंस प्रीमियम का 100 प्रतिशत भुगतान भी रिलायंस ही वहन करेगी।

​कर्मचारियों को कोविड अवकाश

इसके साथ ही रिलायंस के जो कर्मचारी कोरोना संक्रमित हैं या उनके परिवार का कोई सदस्य कोविड की चपेट में है तो वे शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह ठीक होने तक विशेष कोविड-19 अवकाश ले सकते हैं। ये अवकाश नीति विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई है कि रिलायंस के सभी कर्मचारी पूरी तरह से ठीक होने या अपने परिवार के कोविड-19 संक्रमित सदस्यों की देखभाल करने पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

ऑफ-रोल कर्मचारियों की कोविड-19 से मौत पर परिवार को 10 लाख

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने ऑफ-रोल जॉब वाले कर्मचारियों के लिए भी परिवार सहयोग एंव कल्याण कार्यक्रम (फैमिली सपोर्ट एंड वेलफेयर प्रोग्राम) का ऐलान किया है। ऑफ-रोल जॉब उसे कहते हैं, जब आप किसी अन्य कंपनी के साथ काम कर रहे होते हैं, लेकिन किसी दूसरी कंपनी के पे-रोल पर होते हैं। रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने कहा है कि कोविड-19 से जान गंवाने वाले अपने ऑफ-रोल कर्मचारियों के नॉमिनी को कंपनी 10 लाख रुपये का एकमुश्त भुगतान करेगी।


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