जदयू ने की मोहन डेलकर के मृत्यु की निष्पक्ष जांच की मांग

25-02-2021 16:42:09
By : Sanjeev Singh


राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सबसे बड़े घटक जनता दल यूनाइटेड ने दादरा नगर हवेली के निर्दलीय सांसद मोहन भाई डेलकर की आत्महत्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आज मांग की कि उनकी आत्महत्या के कारणों की निष्पक्षता से जांच की जाये और उनके परिवार को न्याय दिलाया जाये।

जनता दल यूनाइटेड के महासचिव के सी त्यागी ने यहां अपने निवास पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सात बार के सांसद डेलकर ने मुंबई के एक होटल में आत्महत्या करने से पहले 15 पृष्ठ का एक पत्र लिखा है और कहा है कि वह दादरा नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल एवं पुलिस अधीक्षक के उत्पीड़न के कारण वह आत्महत्या के लिए मजबूर हुए हैं।

त्यागी ने कहा कि डेलकर जैसे कर्मठ एवं जुझारू और सात बार के जनप्रतिनिधि का नौकरशाहों द्वारा आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे यह भी सवाल उठता है कि नौकरशाह जनप्रतिनिधियों के साथ कितना अपमानजनक व्यवहार कर सकते हैं। डेलकर का पत्र उनका मृत्युपूर्व बयान है और उसमें उन्होंने कहा है कि प्रशासक द्वारा स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम और दादरा नगर हवेली मुक्ति दिवस कार्यक्रम के अलावा केन्द्रीय मंत्रियों के कार्यक्रमों में प्रोटोकाॅल का उल्लंघन करते हुए उन्हें बुलाया नहीं जाता था।

जदयू महासचिव ने कहा कि डेलकर जनता दल यूनाइटेड के साथ निकटता से काम कर रहे थे। उन्हीं के नेतृत्व में दादरा नगर हवेली के जिला पंचायत चुनावों में कुल 20 में से 17 सीटें जदयू ने जीतीं थीं। उसी से जुड़े एक कार्यक्रम में वह स्वयं, लोकसभा में दल के नेता लल्लन सिंह, सांसद कौशलेन्द्र कुमार और मंत्री संजय झा 23 तारीख को सिलवासा जाने वाले थे लेकिन रवानगी के पहले उन्हें डेलकर के दुखद निधन की जानकारी मिली।

त्यागी ने कहा कि बहुत जल्दी जदयू का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल डेलकर को श्रद्धांजलि देने सिलवासा जाएगा। जदयू के अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डेलकर के परिजनों से बात की है। पार्टी का मानना है कि डेलकर की मृत्यु के बारे में महाराष्ट्र पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। इसकी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए और डेलकर के परिवार को न्याय मिलना चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस विषय को संसद के आगामी सत्र में उठाया जाएगा और सभी सांसदों को विचार करना होगा कि क्या वे नौकरशाहों के रहमोकरम पर जनता की सेवा करेंगे या शासन में उनकी भी बराबर की भागीदारी होगी।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के बयानों के बारे में पूछे जाने पर त्यागी ने कहा कि वह राजनीतिक नेतृत्व के ऊपर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं। केवल मृत्यु के कारणों की निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय मिलने की मांग कर रहे हैं।



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